जब होगी रुखसत एक और मोहब्बत ~ © काव्याराधी
जब होगी रुखसत एक और मोहब्बत..
होगी रुखसत एक और मोहब्बत दिखावटी शानों पर..
बेवजह की मर्यादा या सामाजिक ढोंग वाले नामों पर..
मेरी वर्षों की दुआ कोई बांध ले जाएगा सात फेरी से..
जब हारेगा यह प्रेम अपनी प्रेमिका के दिलचोरी से..
निराश होंगे लोग जो साथ दिया सफर में अब तक..
निराश होंगे वो भी, जिनकी आस जुड़ी थी तुम तक..
जब होगी रुखसत एक और मोहब्बत..
रह जाएगी अधूरी वो कहानियाँ जाने कितने जबानों पर..
भीगेगी मेरी पलकें, जाने क्या बीतेगा तेरी अरमानों पर!!
उदास होंगी वो सड़के जहाँ कभी तुम मिला करती थी..
उदास होंगी वो सीढियाँ, जहाँ बैठ बातें किया करती थी..
उठेगा भरोसा उस अवघरदानी से जिनकी अर्चना में तुम हासिल थी..
उठेंगी सवाले उस मन्दिर पर, जहाँ मन्नतों में सिर्फ तुम शामिल थी..
जब होगी रुखसत एक और मोहब्बत..
© काव्याराधी #Kavyaradhii

Rohit ji apki Kavita ne pure man ko tatol kar rakh diya......
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